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shabda bhi kahate hai
गुरुवार, 9 अप्रैल 2009
दोस्त वो बे मिशाल हैहमेशा सही रह बताई उसने चलने को हमारी दोस्त के बीच हमेशा खामोशी का तार जुडा रहा पर उसने कभी अपनी परेशानी नहीं बाटी हमारे साथ शायद उसे हम पर ऐतबार ना रहा
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